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Wednesday, 1 April 2020

कोरोना वायरस के खिलाफ कॉर्पोरेट दिग्गजों का 'प्रोजेक्ट स्टे आई'


एसबीआई, एचयूएल, ड्यूश बैंक,लेमन ट्री, जिंजर, ओयो, जोमाटो सभी दिग्गज एक साथ 
नवी मुंबई, १ अप्रैल 2020 : भारत की सबसे बड़ी एकात्मिक स्वास्थ्य सेवा श्रृंखला अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप ने कोविड-19 के खिलाफ शुरू किए गए अपने व्यापक जवाबी प्लान प्रोजेक्ट कवच को और आगे बढ़ाया है। प्रोजेक्ट कवच की घोषणा 26 मार्च को की गयी थी। कोविड-19 को रोकने के लिए कड़ी को तोड़ने की #BREAKTHECHAIN नीति में आइसोलेशन अर्थात दूसरों से अलग रहना सबसे बड़ा हिस्सा है। इसमें क्वारंटाइन के लिए मामूली मेडिकल देखरेख के साथ होटलों में आइसोलेशन रूम्स बनाए जाएंगे, वायरस को फ़ैलाने बिना लोगों को ठीक करने के लिए बैरियर निर्माण किए जाएंगे और उन्हें सही समय पर मेडिकल केयर के लिए ले जाया सकें इसलिए देखरेख की जाएगी। अपोलो हॉस्पिटल्स ने हिंदुस्तान यूनिलीवर, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, ओयो रूम्स, लेमन ट्री, जिंजर होटल्स और जोमाटो के साथ सहयोग से आइसोलेशन केयर के लिए एक सामाजिक प्रभाव पहल "प्रोजेक्ट स्टे आई" (दूसरों से अलग रहें) की शुरूआत की है।
प्रोजेक्ट स्टे आई यह कोविड-19 के खिलाफ की लड़ाई को मजबूत करने की अभिनव पहल है।  इसमें क्वारंटाइन के लिए मामूली मेडिकल देखरेख के साथ होटलों में आइसोलेशन रूम्स बनाए जाएंगे, वायरस को फ़ैलाने बिना लोगों को ठीक करने के लिए बैरियर निर्माण किए जाएंगे। आइसोलेशन कमरें राज्य के इन प्रमुख में होंगे - नवी मुंबई, मुंबई , हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, बैंगलोर और दिल्ली में लगभग 500 कमरों से शुरू होकर हर तीन दिनों में 50 कमरें बढ़ाएं जाएंगे, पूरे देश भर में 5000 कमरों का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। सरकारी अनुरोधों, स्थानीय स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से मिलने वाले समर्थन और सीएसआर के समर्थन के अनुसार दूसरे शहरों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है।
अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ संगीता रेड्डी ने कहा, “बीमारी के बड़े पैमाने पर फैलने से रोकने के लिए स्क्रीनिंग, टेस्टिंग और अति जोखिम वाले लोगों को राज्य क्वारंटाइन सुविधाओं में रखने के लिए भारत सरकार द्वारा उठाये जा रहे कदम यक़ीनन  सराहनीय हैं। हालांकि, एक ओर टेस्टिंग क्षमता के पैमाने और दायरे को बढ़ाया जा रहा है लेकिन पॉजिटिव केसेस के बढ़ने की भी आशंका है। कोविड-19 के मरीजों के संपर्क में आने की वजह से जिन्हें क्वारंटाइन करने की आवश्यकता है ऐसे लोगों की संख्या भी काफी बढ़ेगी।  इससे क्वारंटाइन के लिए सरकारी सुविधाओं पर बोझ बहुत ज्यादा बढ़ेगा। यही समय है कि नीजि क्षेत्र को हमारे सरकार की सहायता, समर्थन और सरकारी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए आगे आना चाहिए।" हमारे सहयोगी एसबीआई, एचयूएल, ड्यूश बैंक, ओयो होटल्स एंड होम्स, लेमन ट्री होटल्स, जोमाटो आदि के हम आभारी है।  एसबीआई और एचयूएल की उदारता की वजह से केटेगरी 1 कमरों में से 50% कमरें गरीब और जरूरतमंद लिए मुफ्त में दिए जाएंगे।
स्टे-आई के तहत कमरा बुक करने के लिए हमारी वेबसाइट WWW.ASKAPOLLO.COM पर जाना होगा और होमपेज पर दिए गए फॉर्म को भरना होगा। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए गेस्ट हमारे 24/7 हेल्पलाइन नंबर 18605000202 पर भी कॉल कर सकते हैं। अपोलो हॉस्पिटल्स द्वारा हर दिन दो वर्चुअल मेडिकल राउंड्स की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिसमें एक विशेषज्ञ ASKAPOLLO / 24/7 प्लेटफॉर्म्स पर चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगा। टेस्टिंग आईसीएमआर के निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। इस पहल में सभी राज्य सरकारों को जोड़ने के लिए हमने उन्हें लिखा है और हम उन्हें पूरी जानकारी देते रहेंगे। चेक आउट करने से पहले गेस्ट्स को अपोलो हॉस्पिटल्स से क्लीयरेंस सर्टिफिकेट प्राप्त करना जरुरी होगा।"
एचयूएल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री. संजीव मेहता ने बताया, "इस वर्तमान मुश्किल घडी में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में हमारे सरकार के सहयोग के लिए नीजि क्षेत्र को कदम बढ़ाना जरुरी है। वायरस को बढ़ने से रोकने के लिए आइसोलेशन सुविधाएं होना बहुत ही महत्वपूर्ण है। हिंदुस्तान यूनिलीवर में हमने अपोलो हॉस्पिटल्स के साथ मिलकर आइसोलेशन सुविधाएं सहयोग करते हुए बहुत ख़ुशी हो रही है। इस दिशा में उठाया गया हमारा हर एक कदम देश की कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में मददगार साबित होगा और हम इस संकट का सामना कर पाएंगे।"  
ओयो रूम्स के संस्थापक और ग्रुप सीईओ श्री. रितेश अगरवाल ने बताया, "कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में और वर्तमान समस्याओं को सुलझाने में हम राज्य सरकारों और नीजि संस्थानों के साथ काम करना चाहते हैं। मेडिकल प्रोफेशनल्स के मार्गदर्शन पर क्वारंटाइन सुविधाएं निर्माण करने के लिए हमारी क्षमता के उपयोग के लिए हमने अपोलो हॉस्पिटल्स के साथ सहयोग किया है। यह एक असाधारण स्थिति है, इसमें हम सभी एकसाथ आने के और संकट का मुकाबला करने के नए रास्तें खोजने होंगे।"
ड्यूश बैंक ऑफ़ इंडिया के चीफ कंट्री ऑफिसर श्री. कौशिक शापारिया ने बताया, "हमने अन्य देशों में देखा है कि इंटेंसिव मेडिकल केयर की आवश्यकता होने पर उपलब्ध सुविधाओं को तुरंत परिवर्तित किया जाता है। यह सहयोग वर्तमान चुनौती का सामना करने के लिए उठाया गया कदम है। यह मॉडल जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सुविधाएं जल्द से जल्द पहुंचाने का बेहतरीन तरीका है जिससे बीमारी को फ़ैलाने से रोका जा सकता है।"
जोमाटो के सह-संस्थापक और सीओओ श्री. गौरव गुप्ता ने कहा, "अत्यावश्यक सेवा प्रदाता होने के नाते हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि इस वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ने के लिए हमारी निपुणताओं का इस्तेमाल करने के रास्तें हम खोज निकालें। प्रोजेक्ट स्टे आई के साथ सहयोग करते हुए और आइसोलेशन में लोगों को अच्छा खाना मिल सकें इसलिए हमारी सेवाएं प्रदान करते हुए हमें ख़ुशी हो रही है। आपूर्ति के लिए हम हमारे नेटवर्क को सक्षम बना रहे हैं और हर दिन का खाना दे पाने के लिए हमारी लॉजिस्टिक्स क्षमताओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।"
जिंजर की मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सुश्री दीपिका राव ने कहा, "फ़िलहाल हम सभी एक कड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं और ऐसे मुश्किल वक्त में हमसे जो बन पाएगा उस तरीके से मदद करने के लिए हम सरकार और स्वास्थ्य सेवा प्रोफेशनल्स के साथ खड़े हैं। कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में प्रोजेक्ट कवच के तहत प्रोजेक्ट-आई में अपोलो हॉस्पिटल्स के साथ सहयोग करते हुए हमें बहुत ख़ुशी हो रही है।  प्रोजेक्ट स्टे-आई के एक हिस्से के रूप में चुनिंदा स्थानों की हमारी होटल सुविधाएं मेडिकल प्रोफेशनल्स के मार्गदर्शन और देखरेख के अनुसार क्वारंटाइन सेंटर्स के रूप में उपयोग में लायी जाएंगी। हम हमारा कर्तव्य निभा रहे हैं, हमारे वीर फ्रंटलाइन जिंजर सहकर्मियों, प्रोफेशनल कार्यकर्ताओं, डॉक्टर्स और नर्सेस के प्रयासों और सहयोग के लिए हम उनके आभारी हैं।"
लेमन ट्री होटल्स लिमिटेड के प्रेसिडेंट श्री. विक्रमजीत सिंह ने बताया, "21 दिनों के लॉकडाउन का निर्णय संक्रमण को रोकने के लिए  बहुत ही सोच-समझ कर लिया गया है। इस विपदा के शुरूआत से लेमन ट्री ने राज्य सरकारों का क्वारंटाइन सुविधाएं देने में सहयोग किया है। अब प्रोजेक्ट स्टे-आई के तहत अपोलो हॉस्पिटल्स के साथ सहयोग करते हुए हमें बहुत ख़ुशी हो रही है। हम मानते हैं कि नीजि क्षेत्र के लिए, खास कर हॉस्पिटैलिटी उद्यम के लिए सरकार को इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में मदद करने के लिए सक्रीय भूमिका निभाना अत्यंत आवश्यक है।"

Tuesday, 31 March 2020

'प्रोजेक्ट स्टे आई' कोरोना वायरस रोकने के लिए पहल


एसबीआई, एचयूएल, ड्यूश बैंक,लेमन ट्री, जिंजर, ओयो, जोमाटो, द्वारा कोरोना वायरस के खिलाफ प्रभावकारी प्रौद्योगिकी मंच
नवी मुंबई, 31 मार्च 2020 : भारत की सबसे बड़ी एकात्मिक स्वास्थ्य सेवा श्रृंखला अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप ने कोविड-19 के खिलाफ शुरू किए गए अपने व्यापक जवाबी प्लान प्रोजेक्ट कवच को और आगे बढ़ाया है। प्रोजेक्ट कवच की घोषणा 26 मार्च को की गयी थी। कोविड-19 को रोकने के लिए कड़ी को तोड़ने की #BREAKTHECHAIN नीति में आइसोलेशन अर्थात दूसरों से अलग रहना सबसे बड़ा हिस्सा है। इसमें क्वारंटाइन के लिए मामूली मेडिकल देखरेख के साथ होटलों में आइसोलेशन रूम्स बनाए जाएंगे, वायरस को फ़ैलाने बिना लोगों को ठीक करने के लिए बैरियर निर्माण किए जाएंगे और उन्हें सही समय पर मेडिकल केयर के लिए ले जाया सकें इसलिए देखरेख की जाएगी।
इससे यह भी सुनिश्चित होता है कि जिन लोगों को अस्पताल के बेड्स की जरूरत नहीं है, वे अगर गंभीर रूप से बीमार नहीं हैं तो दुर्लभ संसाधनों का उपयोग नहीं करेंगे। पूरे देश भर में मुख्य अस्पतालों से दूर आइसोलेशन और क्वारंटाइन सुविधाएं निर्माण करना और अत्यधिक देखभाल प्रदान करने वाले अस्पतालों पर बोझ को कम करना इस पहल का उद्देश्य है। किफायती और सुरक्षित कमरें, स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए अपोलो हॉस्पिटल्स ने हिंदुस्तान यूनिलीवर, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, ओयो रूम्स, लेमन ट्री, जिंजर होटल्स और जोमाटो के साथ सहयोग से आइसोलेशन केयर अर्थात दूसरों से दूर, अलग रखकर देखभाल के लिए एक सामाजिक प्रभाव पहल "प्रोजेक्ट स्टे आई" (स्टे आइसोलेटेड - दूसरों से अलग रहें) की शुरूआत की है।  प्रोजेक्ट स्टे आई यह कोविड-19 के खिलाफ की लड़ाई को मजबूत करने की अभिनव पहल है।  इसमें क्वारंटाइन के लिए मामूली मेडिकल देखरेख के साथ होटलों में आइसोलेशन रूम्स बनाए जाएंगे, वायरस को फ़ैलाने बिना लोगों को ठीक करने के लिए बैरियर निर्माण किए जाएंगे। आइसोलेशन कमरें इन शहरों में होंगे - नवी मुंबई, मुंबई , हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, बैंगलोर और दिल्ली में लगभग 500 कमरों से शुरू होकर हर तीन दिनों में 50 कमरें बढ़ाएं जाएंगे, पूरे देश भर में 5000 कमरों का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। कमरों की संख्या को जरूरत के अनुसार कम-ज्यादा किया जाएगा।  सरकारी अनुरोधों, स्थानीय स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से मिलने वाले समर्थन और सीएसआर के समर्थन के अनुसार दूसरे शहरों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है।
अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ संगीता रेड्डी ने कहा, “बीमारी के बड़े पैमाने पर फैलने से रोकने के लिए स्क्रीनिंग, टेस्टिंग और अति जोखिम वाले लोगों को राज्य क्वारंटाइन सुविधाओं में रखने के लिए भारत सरकार द्वारा उठाये जा रहे कदम यक़ीनन  सराहनीय हैं। हालांकि, एक ओर टेस्टिंग क्षमता के पैमाने और दायरे को बढ़ाया जा रहा है लेकिन पॉजिटिव केसेस के बढ़ने की भी आशंका है। कोविड-19 के मरीजों के संपर्क में आने की वजह से जिन्हें क्वारंटाइन करने की आवश्यकता है ऐसे लोगों की संख्या भी काफी बढ़ेगी।  इससे क्वारंटाइन के लिए सरकारी सुविधाओं पर बोझ बहुत ज्यादा बढ़ेगा।  यही समय है कि नीजि क्षेत्र को हमारे सरकार की सहायता, समर्थन और सरकारी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए आगे आना चाहिए।" हमें उम्मीद है कि एक महीने में 10000 से ज्यादा लोगों की मदद की जाएगी और 50 लाख से संक्रमणों की रोकथाम की जाएगी।
उन्होंने आगे कहा, "भारत में कई परिवारों में 4-5 सदस्य हैं और उनमें से बहुतांश परिवार एक ही घर, एक ही शौचालय का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में अगर किसी एक सदस्य को कोविड-19 का खतरा ज्यादा है तो उसे दूसरों से अलग रख पाना मुश्किल हो जाता है।  इस वायरस के संक्रमण के बाद पहले हफ्ते में इसके कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देते इस वजह से स्थिति और भी नाजुक और गंभीर बन सकती है। प्रोजेक्ट स्टे आई में उन लोगों के लिए स्वच्छ, सुविधाजनक आइसोलेशन और क्वारंटाइन सुविधाएं निर्माण की जाएंगी जिन्हें सक्रीय मेडिकल देखरेख की आवश्यकता नहीं होती।  इससे न केवल स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर से बोझ कम होगा बल्कि परिवारों के लिए भी सुविधा होगी। समाज के सभी सामाजिक-वित्तीय स्तरों को इन सेवाओं का लाभ उठाने में समान अवसर मिलें इसलिए विभिन्न सुविधाओं के ब्रांड्स के साथ सहयोग किया गया है।  हमारे सहयोगी एसबीआई, एचयूएल, ड्यूश बैंक, ओयो होटल्स एंड होम्स, लेमन ट्री होटल्स, जोमाटो आदि के हम आभारी है।  एसबीआई और एचयूएल की उदारता की वजह से केटेगरी 1 कमरों में से 50% कमरें गरीब और जरूरतमंद लिए मुफ्त में दिए जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा, तर्कसंगत नियम, कामकाज और निगरानी ढांचे के साथ पूरी आपूर्ति श्रृंखला विकसित की गई है। स्टे-आई के तहत कमरा बुक करने के लिए हमारी वेबसाइट WWW.ASKAPOLLO.COM पर जाना होगा और होमपेज पर दिए गए फॉर्म को भरना होगा। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए गेस्ट हमारे 24/7 हेल्पलाइन नंबर 18605000202 पर भी कॉल कर सकते हैं। अपोलो हॉस्पिटल्स की टीम 3 घंटों के भीतर बुकिंग की पुष्टि और चेक-इन के लिए आवश्यकताओं के बारे में जानकारी के साथ गेस्ट से वापिस संपर्क करेगी। अपोलो हॉस्पिटल्स द्वारा हर दिन दो वर्चुअल मेडिकल राउंड्स की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिसमें एक विशेषज्ञ ASKAPOLLO / 24/7 प्लेटफॉर्म्स पर चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगा। राउंड के दौरान बताई गई दवाइयां या डायग्नोस्टिक्स व्यक्ति के कमरे में पहुंचाई जाएंगी। अपोलो हॉस्पिटल्स द्वारा आइसोलेशन के लिए  उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों के अनुसार मेडिकल नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा। फैसिलिटी को ऑन-बोर्ड करने से पहले, मरीजों के स्क्रीनिंग के लिए ओयो स्टाफ को व्यापक प्रशिक्षण और फैसिलिटी की पूरी जांच अपोलो हॉस्पिटल्स द्वारा की जाएगी। टेस्टिंग आईसीएमआर के निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।  इस पहल में सभी राज्य सरकारों को जोड़ने के लिए हमने उन्हें लिखा है और हम उन्हें पूरी जानकारी देते रहेंगे। महत्वपूर्ण मापदंडों को पूरा करने की वजह से हम आवश्यकता होने पर सही समय पर मरीजों को अस्पताल ले जा सकेंगे। चेक आउट करने से पहले गेस्ट्स को अपोलो हॉस्पिटल्स से क्लीयरेंस सर्टिफिकेट प्राप्त करना जरुरी होगा।"
एचयूएल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री. संजीव मेहता ने बताया, "इस वर्तमान मुश्किल घडी में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में हमारे सरकार के सहयोग के लिए नीजि क्षेत्र को कदम बढ़ाना जरुरी है। वायरस को बढ़ने से रोकने के लिए आइसोलेशन सुविधाएं होना बहुत ही महत्वपूर्ण है। हिंदुस्तान यूनिलीवर में हमने अपोलो हॉस्पिटल्स, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, ओयो, लेमन ट्री और अन्य संगठनों के साथ मिलकर आइसोलेशन सुविधाएं निर्माण करने के लिए सहयोग करते हुए बहुत ख़ुशी हो रही है। इस दिशा में उठाया गया हमारा हर एक कदम देश की कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में मददगार साबित होगा और एकसाथ मिलकर ही हम इस संकट का सामना कर पाएंगे।"  
ओयो रूम्स के संस्थापक और ग्रुप सीईओ श्री. रितेश अगरवाल ने बताया, "कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में और वर्तमान समस्याओं को सुलझाने में हम राज्य सरकारों और नीजि संस्थानों के साथ काम करना चाहते हैं। मेडिकल प्रोफेशनल्स के मार्गदर्शन पर क्वारंटाइन सुविधाएं निर्माण करने के लिए हमारी क्षमता के उपयोग के लिए हमने अपोलो हॉस्पिटल्स के साथ सहयोग किया है। यह एक असाधारण स्थिति है, इसमें हम सभी एकसाथ आने के और संकट का मुकाबला करने के नए रास्तें खोजने होंगे। एसबीआई, हमारे एसेट ओनर्स और फ्रंटलाइन टीम्स के हम आभारी हैं, उनकी वजह से यह संभव हो पा रहा है।"
ड्यूश बैंक ऑफ़ इंडिया के चीफ कंट्री ऑफिसर श्री. कौशिक शापारिया ने बताया, "हमने अन्य देशों में देखा है कि इंटेंसिव मेडिकल केयर की आवश्यकता होने पर उपलब्ध सुविधाओं को तुरंत परिवर्तित किया जाता है।  यह सहयोग वर्तमान चुनौती का सामना करने के लिए उठाया गया कदम है। यह मॉडल जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सुविधाएं जल्द से जल्द पहुंचाने का बेहतरीन तरीका है जिससे बीमारी को फ़ैलाने से रोका जा सकता है।"
जोमाटो के सह-संस्थापक और सीओओ श्री. गौरव गुप्ता ने कहा, "अत्यावश्यक सेवा प्रदाता होने के नाते हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि इस वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ने के लिए हमारी निपुणताओं का इस्तेमाल करने के रास्तें हम खोज निकालें।  प्रोजेक्ट स्टे आई के लिए अपोलो हॉस्पिटल्स और अन्य संगठनों के साथ सहयोग करते हुए और आइसोलेशन में लोगों को अच्छा खाना मिल सकें इसलिए हमारी सेवाएं प्रदान करते हुए हमें ख़ुशी हो रही है।  आपूर्ति के लिए हम हमारे नेटवर्क  को सक्षम बना रहे हैं और हर दिन का खाना दे पाने के लिए हमारी लॉजिस्टिक्स क्षमताओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।"
जिंजर की मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सुश्री दीपिका राव ने कहा, "फ़िलहाल हम सभी एक कड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं और ऐसे मुश्किल वक्त में हमसे जो बन पाएगा उस तरीके से मदद करने के लिए हम सरकार और स्वास्थ्य सेवा प्रोफेशनल्स के साथ खड़े हैं। कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में प्रोजेक्ट कवच के तहत प्रोजेक्ट-आई में अपोलो हॉस्पिटल्स के साथ सहयोग करते हुए हमें बहुत ख़ुशी हो रही है।  प्रोजेक्ट स्टे-आई के एक हिस्से" के रूप में चुनिंदा स्थानों की हमारी होटल सुविधाएं मेडिकल प्रोफेशनल्स के मार्गदर्शन और देखरेख के अनुसार क्वारंटाइन सेंटर्स के रूप में उपयोग में लायी जाएंगी।  हम हमारा कर्तव्य निभा रहे हैं, इस वैश्विक महामारी को रोकने के लिए हमारे वीर फ्रंटलाइन जिंजर सहकर्मियों, प्रोफेशनल कार्यकर्ताओं, डॉक्टर्स और नर्सेस के प्रयासों और सहयोग के लिए हम उनके आभारी हैं।"
लेमन ट्री होटल्स लिमिटेड के प्रेसिडेंट श्री. विक्रमजीत सिंह ने बताया, "हमारा देश इस वैश्विक महामारी के बहुत ही गंभीर स्टेज से गुजर रहा है और हमारे माननीय प्रधानमंत्री द्वारा घोषित किया गया 21 दिनों के लॉकडाउन का निर्णय संक्रमण को रोकने के लिए  बहुत ही सोच-समझ कर लिया गया है। लेकिन फिर भी आने वाले समय में पॉजिटिव केसेस की संख्या बहुत ज्यादा होने की आशंका को टाला नहीं जा सकता, जिससे जिन्हें बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा है या जो पॉजिटिव केसेस के संपर्क में हैं ऐसे असिम्पटोमैटिक लोगों के लिए क्वारंटाइन में रहने के लिए सुविधाओं की जरुरत बढ़ेगी।  इस विपदा के शुरूआत से लेमन ट्री ने राज्य सरकारों का क्वारंटाइन सुविधाएं देने में सहयोग किया है। अब प्रोजेक्ट स्टे-आई के तहत अपोलो हॉस्पिटल्स के साथ सहयोग करते हुए हमें बहुत ख़ुशी हो रही है। हम मानते हैं कि नीजि क्षेत्र के लिए, खास कर हॉस्पिटैलिटी उद्यम के लिए सरकार को इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में मदद करने के लिए सक्रीय भूमिका निभाना अत्यंत आवश्यक है।